दुर्गापुर शहर के श्री बिमल नाथ मन्दिर मे आज सरल मना परम पूज्य आचार्य श्री हर्षतिलक सूरीश्वर जी महाराज साहब के साथ आठ साधु साध्वी मातायों का प्रवेश हुआ।
इस अवसर पर स्नात्र पूजा बृहत् शांति पूजा को भव्य आयोजन किया गया ।
संसार की असारता के वारे मे आचार्य भगवंत श्री हर्ष तिलक सूरी जी महाराज के सारगर्भित उपदेशों को भारतीय जैन अल्पसंख्यक समाज के अध्यक्ष श्री प्रदीप जी चोपड़ा जैन ने तत्क्षणात कविता के माध्यम से व्यक्त किया ::*
एक–
अहिंसा अब किताबों कफनों मे रहे सत्य हो गया भूत।
अपरिग्रह परिग्रह से युक्त , कहाँ जिनदत्तसूरी अवधूत।।
दो–
दृष्टि-परे दर्शन नही, सम्यकता मजाक शाप।
अहम वहम बढ़ता जाए सरलता हुई भाप।।
तीन–
भौतिक सुख मुख्य है, अध्यात्म बेजान।
सत्य बलि चढ़ गया मान हुआ अपमान।।
चार–
कुछ पल हम उदार है, कुछ पल हैँ अनुदार।
स्वार्थ निर्मम बन गया आँखेँ अब चारचार।।
सुबह गौतम प्रसादी नाश्ता की व्यवस्था मृदुला देवी - लता देवी - इंदर चंद गोलेछा परिवार व श्री जैन समाज दुर्गापुर के सस्थापक श्री प्रदीपजी चोपड़ा जैन ने किया। आयोजन को सफल बनाने मे दीपेन-सम्राट-विकाश-मनीष गोलछा , संजय सेठिया आदि का विशेष सहयोग रहा।

